राग देस

खमाज थाट का राग देस अत्यन्त प्राचीन राग है । दिन क सप्तम प्रहार में गाये और बजाये जाने वाले इस राग में जोश को समावेश होता है। दूरदर्शन पर प्रसारित मिले सुर मेरा तुम्हारा इसी राग पर आधारित था तथा यह इतना प्रसिद्द हुआ था कि बच्चे बच्चे कि जबान परचढ़ गया था।

इस राग का वादी स्वर रे होता है तथा संवादी स्वर पा होता है । आरोह अवरोह और पकड़ इस प्रकार से है -


आरोह : स् - र - म - प - न - स्'

अवरोह : स्' - न - ध - प - म - ग - र - 'न - स्

पकड़ : र - म - प, न - ध - प, ध - म - ग - र, ग - 'न - स्


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नीच समावेशित विडियो में राग देश पण्डित जसराज के शिष्य संजीव अभयंकर द्बारा प्रस्तुत राग देश है

6 comments:

Manoshi

acchaa prayas...shukriya...

Udan Tashtari

आभार जानकारी का. अभयंकर जी सुनना अच्छा लगता है.

Nitesh

मिले सुर मेरा तुम्हारा राग भैरवी में है.
दूरदर्शन पर "बजे सरगम हर तरफ से गूँज बन कर देस राग" यह गीत देस राग में है.

Unknown

Lol mile sur mera tumhara ..des rag me ???! Wah lya baat haii guru..

Unknown

Lol mile sur mera tumhara ..des rag me ???! Wah lya baat haii guru..

Unknown

Lol mile sur mera tumhara ..des rag me ???! Wah lya baat haii guru..

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