राग सोहोनी - बड़े गुलाम अली खान

राहसोहनी मरवा थाट का औडव शोदाव जाती का राग होता है। इस राग की खूबसूरती इस बात में है की इसपर आधारित रचनाये मिलन और विरह का एक साथ अहसास कराती है । इसमें वादी स्वर ध होता है और संवादी स्वर गा होता है।

आरोह
स - ग - म - ध - न - स'
अवरोह
स' - न - ध - म - ध - ग - म - ग - र - स्
पकड़
म - ध - न - स् - र' - स, स - न - ध - म - ध - ग

इस राग पर आधारित एक संरचना आपको सुनाने का मन है । यह है उस्ताद बड़े गुलाम अली खान द्बारा गया प्रेम जोगन दीवानी , फ़िल्म मुग़ल-ए-आज़म से।

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3 comments:

Parul

adhbhut hai ye...koi saani nahi...samay bhi sateek!! aabhaar

अल्पना वर्मा
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अल्पना वर्मा

behad khubsurat!
-dilkash rachna aur film ka ye sab se haseen hissa hai.-what a great feel we get when we see and hear this part!

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