राग पुरिया धनाश्री

पूर्वी थाट का संपूर्ण जाति का , एक अत्यन्त सुंदर राग है पुरिया
स्वर - प
संवादी स्वर - रे॒
समय : दिन का चतुर्थ प्रहार अर्थात शाम ३-६ बजे। वैसे किसी भी समय अच्छा लगता है।
आरोह - नी़़ रे॒ ग मे ध॒ नी रेँ॒ सां।
अवरोह - रेँ॒ नी ध॒ प, मे ग मे रे॒ ग रे॒
पाकर : नि - र - ग, म - प, ध - प, म - ग, म - र - ग, र - स
इस राग पर आधारित एक बहुत ही सुंदर गाना है फ़िल्म बदलते रिश्ते का - मेरी सांसों को जो महका रही है । यह गाना स्वर्गीय महेंद्र कपूर जी ने लता जी के साथ गाया था। अब और तो क्या बताये। हम को तो पता भी नही था शास्त्रीय संगीत क्या होता है जब स्कूल में पढ़ते थे और १०-११ साल के थे। मगर एक दिन जब हम अपने स्कूल जा रहे थे, रास्ते में रेडियो पर ये गाना चल रहा था , सुना तो वही खड़े हो गए। इस गाने में एक अन्तर आता है - बहुत तडपा है येदिल तेरे सपने सजा के। ले दिल की बात सुन ले मेरी बाहों में आके। तो सुन के रोने लगे। पता नही चला की रोये क्यूँ।
खैरछोडिये। लीजिये पुरिया धनाश्री का आनंद । पंडित जसराज फ़िर से ......................


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