अहीर भैरव

रागअहीर भैरव शास्त्रीय संगीत की हिंदुस्तानी पद्धति का राग है। यह भैरव थाट का सम्पूर्ण जाति का राग है । यह एक अत्यंत प्राचीन राग है जिसका उल्लेख अनेक प्राचीन ग्रंथों में मिलता है।

कुछ फिल्मी गीत जो इस राग पर आधारित है इस प्रकार है।
पूछो न कैसे मैंने रैन बिताई - मेरी सूरत तेरी आँखें
वंदना करो, अर्चना करो
रामका गुन गान करिए - राम श्याम गुन गान
मेरी बिना तुम बिन रोये - देख कबीर रोया
मैं तो कबसे तेरी शरण में हूँ - राम नगरी
जिंदगी को संवारना होगा - अलाप
सोला बरसकी बलि उमारको सलाम - एक दूजे के लिए
अपने जीवन की उलझन को - उलझन
मन आनंद आनंद छायो - विजेता
वक्त करता जो वफ़ा आप हमारे होते - दिलने पुकारा
राम तेरी गंगा मैली हो गई... - राम तेरी गंगा मैली
धीरे धीरे सुबह हुई हे जग उठी जिंदगी
मेरी गलियोंसे लोगोंकी यारी बढ़ गई - धर्मात्मा
चलो मन जायें घर अपने - स्वामी विवेकनान्दा
अलबेला सजन आयो रे - हम दिल दे चुके सनम ।

1 comments:

"Arsh"

bahot khub aanand aagaya bahot sundar..

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